karwa-chauth: देशभर में करवा चौथ का पर्व इस बार सिर्फ आस्था और प्रेम का प्रतीक बनकर नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय बाजार के लिए भी एक अभूतपूर्व अवसर साबित हुआ। ताजा व्यापारिक आंकड़ों के मुताबिक, करवा चौथ के मौके पर देशभर में करीब ₹2.8 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। केवल दिल्ली-एनसीआर में ही लगभग ₹8,000 करोड़ रुपये की खरीदारी दर्ज की गई, जो एक नया रिकॉर्ड है और इससे बाजार में लंबे समय बाद इतनी उत्साहजनक गतिविधि देखने को मिली।
बाजारों में जबरदस्त रौनक
त्योहार से पहले महिलाओं ने साड़ियों, सूट, ज्वेलरी, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पूजा सामग्री की भरपूर खरीदारी की। दुकानदारों के अनुसार इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री में 25-30% तक की वृद्धि दर्ज हुई। छोटे और बड़े शहरों के बाजार सजधज कर तैयार थे और ग्राहकों की भीड़ ने त्योहार को आर्थिक रूप से बेहद सफल बना दिया।
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ई-कॉमर्स पर बंपर सेल
Amazon, Flipkart, Meesho और Myntra जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने करवा चौथ के लिए विशेष ऑफर्स पेश किए। खासतौर पर रेड और मैरून रंग की साड़ियां, पारंपरिक ज्वेलरी व गिफ्ट पैक्स की मांग में तेज़ी आई। कई ब्रांड्स ने दावा किया कि महिलाओं से जुड़े उत्पादों की बिक्री सामान्य दिनों के मुकाबले तीन गुना बढ़ी। मोबाइल से लेकर सजावटी लाइट्स तक, ऑनलाइन सेल में हर कैटेगरी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
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मिठाई और सजावट में उछाल
त्योहार के दौरान कपड़ों और गहनों के अलावा मिठाई की दुकानों और सजावट का सामान भी खूब बिका। मिठाई विक्रेताओं के अनुसार करवा चौथ से पहले के दो दिनों में बिक्री में 40% से अधिक वृद्धि हुई। गुलाब जामुन, बर्फी और ड्राई फ्रूट गिफ्ट बॉक्स सबसे ज्यादा बिकने वाले उत्पादों में शामिल रहे।
कारोबारियों के चेहरे पर खुशी
कोरोना महामारी के बाद कई छोटे और मध्यम व्यापारी लगातार नुकसान झेल रहे थे, लेकिन इस करवा चौथ ने उन्हें आर्थिक राहत दी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) का अनुमान है कि दीपावली तक यह त्योहारों का कारोबारी सीजन ₹5 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकता है।
निष्कर्ष
करवा चौथ का यह पर्व साबित करता है कि भारतीय त्योहार केवल धार्मिक आस्था नहीं बल्कि आर्थिक शक्ति के भी प्रतीक हैं। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, फैशन के प्रति उत्साह और सजावट व मिठाइयों की बढ़ती मांग ने इसे इस साल का सबसे सफल एवं रिकॉर्डतोड़ सेल सीजन बना दिया है।
