अहमदाबाद के एक खास गरबा महोत्सव में इस बार कुछ बेहद अनोखा देखने को मिला: पुरुष साड़ी पहनकर गरबा करते नजर आए, जिसकी एक झलक सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो गई है। स्थानीय लोग इसे 200 साल पुरानी परंपरा से जोड़ते हैं, जिसके पीछे एक अनोखी मान्यता है।
अहमदाबाद में 200 साल पुरानी परंपरा का रहस्य जानें
कहा जाता है, करीब दो सदियों पहले एक गांव में महामारी फैल गई थी। संकट की इस घड़ी में गांव की महिलाओं ने साड़ी पहनकर देवी दुर्गा की विशेष पूजा व गरबा किया। मान्यता है कि तब से यह विशेष गरबा हर साल नवरात्रि में किया जाता है। बीते वर्षों में यह भी परंपरा बन गई कि गांव के पुरुष साड़ी पहनकर गरबा करते हैं, ताकि देवी प्रसन्न हों और गांव पर आई किसी भी आपदा या महामारी को टाल दें।
सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक चर्चा
यह अनूठी सांस्कृतिक झलक आज भी अहमदाबाद के कुछ इलाकों में खास तरह से निभाई जाती है, जहां नवरात्रि के खास मौके पर पुरुष साड़ियां पहनकर गरबा करते हैं और सामाजिक एकता, परंपरा व मान्यताओं का सम्मान करते हैं। इस नजारे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और हजारों लोग इसे शेयर कर रहे हैं। लोग इस परंपरा को विविधता और समावेशिता के प्रतीक के तौर पर भी देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल
विडियो को हजारों लोगों ने शेयर किया है और अनूठे गरबा का यह दृश्य लोगों को खासा पसंद आ रहा है। इस वीडियो में अहमदाबाद की सड़कों पर पारंपरिक साड़ियों में गरबा करते हुए पुरुषों की उमंग, रंगे-बिरंगे पहनावे और उत्सव का नजारा बेहद मनमोहक दिखता है।
