दिल्ली-गुरुग्राम में झमाझम बारिश और दिल्ली-NCR में दिवाली से पहले ही गुलाबी ठंड की दस्तक—यह मौसम सिर्फ तापमान का बदलाव नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी, दिवाली की तैयारियों और पूरे उत्तर भारत के जज़्बे को नया रंग भी दे रहा है। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की बारिश में भीगी सुबह-सुबह की हवा में जो गुलाबी ठंड पिरोई है, वह सिर्फ जलवायु विज्ञान का परिणाम नहीं, त्योहारी मौसम के बदलते रूझानों का भी हिस्सा है।
भीड़-भाड़, जाम, जलभराव, इन सब के बीच NCR के लोग मौसम को चाहकर भी कोस नहीं सकते—क्योंकि थकी-हारी दिनचर्या के बीच जब कुदरत नमी और ठंड का तोहफा देती है, तो दीवाली की रौनक और बढ़ जाती है। नया मौसम, नई उम्मीदें और हर रोज़ बजते फुलझड़ियों के बीच यह बदलती ठंड NCR के दिल में ख़ास याद बन रही है।
सुबह-सुबह बारिश और बादलों ने बदला NCR का मिज़ाज
7 अक्टूबर 2025 को दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में अलसुबह से ही तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बदलते मौसम ने लोगों को चौंका दिया। कई इलाकों में रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक जारी रही, जिससे पूरे NCR में ठंडक और ताज़गी का अहसास होने लगा।

- अलग-अलग जगहों पर हल्की, मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश ने तापमान को सामान्य से 7-8 डिग्री नीचे ला दिया।
- सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम, और अचानक मौसम के इस बदलाव ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी।
- मौसम विभाग ने नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, वहीं तेज हवा (30-40 किमी/घंटा) के साथ और बारिश के आसार बने हुए हैं।
ठंडी हवाओं से बदल गई दिल्ली की फिज़ा
इस बारिश के पीछे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की अहम भूमिका मानी जा रही है।
- दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से तेज़ हवाओं के साथ बारिश हो रही है। तापमान गिर गया, अधिकतम 26-29 डिग्री और न्यूनतम 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।
- AC-कूलर का दौर थम गया, लोग हल्की रजाई या कंबल निकालने लगे हैं।
- बारिश के चलते हवा में भी ताजगी और सर्दी घुलने लगी है—यानी गुलाबी ठंड की औपचारिक शुरुआत, जो आमतौर पर दिवाली से ठीक पहले महसूस होती है, वह इस बार और जल्दी आई।
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दिवाली से पहले मौसम में क्यों आया इतना बदलाव?
- मौसम विभाग और विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार पश्चिमी विक्षोभ और ला नीना की वजह से दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में अक्टूबर में ही ठंड महसूस की जा रही है।
- इस सीजन को “गुलाबी ठंड” (Pleasant/Winter Chill Onset) कहते हैं, जब दिन हल्के गर्म लेकिन सुबह-शाम हल्की ठंडक होती है।
- पिछले सालों की अपेक्षा दीवाली से पहले इतना ठंडा और बारिशवाला मौसम कम ही देखने को मिला है, लेकिन इस बार त्योहारों के रंग में ठंड की मिठास पहले ही घुल गई।
बारिश ने दिवाली की तैयारियों को कैसे किया प्रभावित?
- बाजारों में मिठाई, पटाखे, फूल और दीपों की दुकानों को बारिश और नमी से दिक़्क़तें हो रही हैं। कई दुकानदार बारिश के कारण तिरपाल, पन्नी या प्लास्टिक की मदद ले रहे हैं।
- रोशनी और दीयों की रौनक भले बारिश में हल्की पड़ी हो, लेकिन त्योहार की रौनक बरकरार है।
- घरों में सफाई, रंगाई-पुताई और सजावट के कामों में थोड़ी देरी ज़रूर हो रही है, लेकिन ठंडक ने काम का मज़ा बढ़ा दिया है।
- अस्थायी पानी भराव से चलने-फिरने और ट्रैफिक में थोड़ी परेशानी बढ़ गई है, इसलिए दीवाली की फुल-ऑन शॉपिंग और आउटिंग के लिए लोग मौसम के साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
कब तक चलेगा ये बारिश और ठंड का दौर?
- मौसम विभाग की भविष्यवाणी है कि 8 अक्टूबर से बारिश का असर दिल्ली-NCR में कम होता जाएगा। 9 अक्टूबर से मौसम साफ हो जाएगा, दिन में हल्की धूप और रात में हल्की ठंड, जहां तापमान 32-33 डिग्री (अधिकतम) और 21-22 डिग्री (न्यूनतम) के बीच रहेगा।
- 12 अक्टूबर के बाद लगातार मौसम साफ रहेगा, मतलब दीवाली की तैयारियों में अब तेज़ी आ सकती है।
- अक्टूबर के मध्य तक उत्तर-पश्चिमी हवाएं और गुलाबी ठंड धीरे-धीरे बढ़ेगी और नवंबर तक गंभीर सर्दी की शुरुआत हो जाएगी।
त्योहार, मौसम और NCR की बदलती ज़िंदगी
- NCR के लोगों के लिए इस समय बारिश राहत और उम्मीद दोनों लेकर आई। लगातार गर्मी और उमस के बाद मौसम में खुलकर सांस लेने का मौका मिला।
- बच्चों के लिए बारिश में खेलने, गलियों में पानी के बहाव में काग़ज़ की नाव बहाने का आनंद, युवाओं के लिए कॉफ़ी और चाय के साथ दोस्तों संग बातें—ये सब NCR की रसोई और चौपालों की पार्ट ऑफ लाइफ हैं।
- सीनियर सिटीजन और घर के बुजुर्ग इस हल्की ठंड को नास्तलजिया की तरह जीते हैं—बचपन की दीवाली, रजाई की सिकुड़न, गरम मिठाइयां और बाजारों की भीड़।
हवा की गुणवत्ता और सेहत पर असर
- एक बड़ा फायदा—बारिश से दिल्ली-NCR की वायु गुणवत्ता (AQI) में काफी सुधार देखने को मिला, जो आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में दीपावली के आसपास बहुत खराब हो जाती है।
- बारिश के चलते धूल-प्रदूषण कम हुआ, परंतु जलभराव, सीलन और मच्छरों से बचाव के लिए भी सावधानी जरूरी है।
- मौसम में अचानक बदलाव से ज़ुकाम, खांसी, बुखार जैसी मौसमी बीमारियों के मामले भी सामने आते हैं, इसलिए छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
दिल्लीवालों की नजर से – फीलिंग और एक्सपीरियंस
- ‘‘बचपन में अकसर दीवाली के समय हल्की ठंड होती थी, लेकिन बारिश कम देखने को मिली थी…आज का मौसम मन को सुकून देता है।’’
- ‘‘बाज़ारों में गरीब बच्चों के लिए गर्म कपड़े, नए कपड़े और मिठाइयां खरीदने का मजा और बढ़ गया।’’
- ‘‘केवल पटाखों और मिठाइयों से नहीं, मौसम की ठंडक से दीवाली का वातावरण और भी खास बनता है।’’
