जान्वी जिंदल भारत की सबसे बड़ी महिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक बन गई हैं, जिन्होंने अपने आत्मविश्वास और मेहनत से देश का नाम रोशन किया है।
जान्वी जिंदल: सफलता की कहानी
चंडीगढ़ की 17 वर्षीय जान्वी जिंदल ने फ्रीस्टाइल स्केटिंग में 11 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने बिना किसी प्रोफेशनल कोचिंग के सिर्फ यूट्यूब और इंटरनेट की मदद से स्केटिंग सीखी और खुद को वर्ल्ड क्लास एथलीट साबित किया। जान्वी की ट्रेनिंग जगहें घर की सीढ़ियाँ, मार्केट फुटपाथ और आसपास की गलियाँ ही थीं। उन्होंने विभिन्न रिकॉर्ड जैसे सबसे अधिक 360 डिग्री वन-व्हील स्पिन, सबसे तेज स्लैलम और एक मिनट में सबसे ज्यादा स्पिन में अपना नाम हासिल किया।

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जान्वी जिंदल की उपलब्धियां और सम्मान
- जान्वी के नाम कुल 21 रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिसमें 11 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, 8 इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और 1-1 Asia Book तथा Worldwide Book of Records शामिल हैं।
- उन्हें चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप व नकद पुरस्कार प्रदान किया और राज्यसभा सांसद सतनाम संधू ने भी सम्मानित किया।
- जान्वी ने भांगड़ा ऑन स्केट्स और योगा ऑन स्केट्स जैसी नई शैली शुरू की है जो भारतीय संस्कृति की पहचान को खेल से जोड़ती है।
प्रेरणा और जनवी की सोच
जान्वी का मानना है कि जोश और लगन से किसी भी सीमित संसाधन के बावजूद बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। वह चाहती हैं कि उनकी उपलब्धि से देश के युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित हों, भले ही उनके पास सुविधाएँ ना हों। जान्वी ने अपनी सोशल मीडिया के जरिए अनुभव साझा करने और युवाओं को जागरूक करने का संकल्प भी लिया है।
निष्कर्ष
जान्वी जिंदल ने कम उम्र में न सिर्फ रिकॉर्ड बनाकर बल्कि नए ट्रेंड शुरू कर, स्केटिंग की दुनिया में भारत का नाम ऐतिहासिक रूप से रोशन किया है। उनका जुनून, मेहनत और आत्मविश्वास आज हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है।
