mission shakti: उत्तर प्रदेश में चल रहे “मिशन शक्ति 5.0” अभियान ने पिछले 20 दिनों में अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में पुलिस ने 256 दुर्दांत अपराधियों को मुठभेड़ों में ढेर किया, लगभग 31,960 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और 10,324 अपराधियों को घायल किया गया। यह आंकड़े राज्य में चल रही ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की तीव्रता को दर्शाते हैं।
मेरठ ज़ोन की सबसे बड़ी उपलब्धि
प्रदेश के विभिन्न जोनों में मेरठ ज़ोन ने सबसे अधिक सफलता दर्ज की है। यहाँ अकेले 85 अपराधियों को मुठभेड़ों में निष्क्रिय करने का दावा किया गया है। कई मामलों में इनाम घोषित अपराधियों और गंभीर मामलों में वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मेरठ की चर्चित घटनाओं में एक मामले में बच्चे से जुड़े जघन्य अपराध के आरोपी शहजाद उर्फ निक्की को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराने की पुष्टि की है। इसके अलावा बरेली में एक मशहूर हस्ती के घर पर हुई फायरिंग के दोषियों को भी त्वरित कार्रवाई में पकड़ा या निष्क्रिय किया गया।
अभियान का उद्देश्य और दृष्टिकोण
अधिकारियों के अनुसार, मिशन शक्ति 5.0 का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं, बालिकाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा को बढ़ाना है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों पर तेज़ और सख़्त कार्रवाई से उनके बीच भय का माहौल बना है, जिससे सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था में सुधार हुआ है। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान कानून के दायरे में रहकर चलाया जा रहा है और जांच तथा अदालत की प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
आलोचना और प्रतिक्रियाएँ
हालाँकि सख़्त नीतियों को कई नागरिकों और कुछ संगठनों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों ने इसे लेकर चिंता भी व्यक्त की है। उनका कहना है कि ऐसे अभियान में पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि अपराध नियंत्रण के लिए सिर्फ़ तात्कालिक कार्रवाई के बजाय दीर्घकालिक रणनीति ज़रूरी है। इसमें पुलिस सुधार, अदालतों की प्रक्रियाओं को तेज़ करना, अपराधियों का पुनर्वास और पंचायत स्तर पर निगरानी प्रणाली को मज़बूत करना शामिल होना चाहिए।
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आम जनता की राय
जनता की प्रतिक्रियाएँ मिश्रित हैं।
- जिन क्षेत्रों में अपराधियों पर कार्रवाई हुई, वहाँ के दुकानदार, छात्र और working women अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक सकारात्मक महसूस कर रहे हैं।
- वहीं कुछ लोग इस नीति को अत्यधिक कठोर मानते हैं और निरंकुश पुलिस कार्रवाई की आशंका जताते हैं।
कई नागरिक संगठनों का कहना है कि सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन न्याय और मानवाधिकारों का संरक्षण लोकतंत्र की बुनियादी ज़रूरत है।
निष्कर्ष
“मिशन शक्ति 5.0” ने आँकड़ों के लिहाज़ से प्रभावशाली सफलता हासिल की है और अपराध घटाने के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत दिए हैं। लेकिन साथ ही यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या केवल भय और सख़्ती के ज़रिए लंबे समय की शांति और न्याय सुनिश्चित की जा सकती है। पारदर्शिता, स्वतंत्र जांच और कानून के दायरे में न्यायपूर्ण कार्रवाई — यही वो संतुलन है जो इस तरह के अभियानों को टिकाऊ और नैतिक बनाएगा।

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