Ahoi Ashtami 2025: अहोई अष्टमी हिंदू धर्म का एक पावन पर्व है, जिसे संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और जीवन से कष्टों को दूर करने की कामना से मनाया जाता है। 2025 में यह व्रत 20 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन माताएं अहोई माता की पूजा करती हैं, कथा सुनती हैं और शाम को तारों के दर्शन कर व्रत तोड़ती हैं। इस दिन दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे संतान के जीवन में आने वाली हर बाधा दूर होती है।
अहोई अष्टमी 2025 तिथि और मुहूर्त
- तिथि आरंभ: 19 अक्टूबर 2025 (रात्रि)
- तिथि समाप्ति: 20 अक्टूबर 2025
- पूजा का शुभ समय: शाम के समय, जब तारे आकाश में दिखाई दें
अहोई अष्टमी का महत्व
अहोई अष्टमी मातृत्व प्रेम और संतान कल्याण का पर्व है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, अहोई माता की पूजा से जीवन में आने वाली विपत्तियाँ समाप्त होती हैं, और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
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अहोई अष्टमी पर करें ये दान
दान इस दिन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे संतान के नाम से करना शुभ होता है।
- गेहूं या चावल
- वस्त्र (साड़ी या धोती)
- सोना या चांदी के सिक्के
- दीपक, अगरबत्ती, या पूजन सामग्री
- बच्चों के उपयोग की वस्तुएं (कपड़े, खिलौने आदि)
अहोई माता की कृपा प्राप्त करने के उपाय
- अहोई माता की तस्वीर या चित्र के सामने दीपक जलाएं
- सात अनाज का भोग लगाएं
- संतान के सुख और स्वास्थ्य के लिए नाम से दान करें
- कथा सुनने के बाद तारों को देखकर जल अर्पित करें
निष्कर्ष
अहोई अष्टमी व्रत केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि मातृत्व की आस्था और संतान की खुशहाली की आराधना है। श्रद्धा और भक्ति से पूजा एवं दान करने से अहोई माता की कृपा मिलती है और संतान का जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है।
