लखनऊ, 9 अक्टूबर 2025:
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “विकसित यूपी @2047” राज्य में जनभागीदारी का नया अध्याय लिख रही है। इस ऐतिहासिक अभियान के तहत अब तक 32 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रदेश के विकास को लेकर अपने सुझाव और विचार साझा किए हैं। सरकार की यह पहल अब तक की सबसे बड़ी जन-सुनवाई आधारित योजना साबित हो रही है, जिसमें जनता सक्रिय रूप से नीति निर्माण की प्रक्रिया में अपने विचार रख रही है।
अभियान का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2047 यानी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। सरकार इस दिशा में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, शहरी विकास, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “विकसित यूपी @2047 केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि 25 करोड़ लोगों की सामूहिक प्रतिबद्धता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के हर नागरिक की राय से तैयार यह विज़न डॉक्युमेंट आने वाले दो दशकों की विकास दिशा तय करेगा।
जनता की सक्रिय भागीदारी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक सुझाव शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास, और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित हैं। नागरिकों ने सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीकी शिक्षा, अध्यापकों के प्रशिक्षण में सुधार, डिजिटल स्मार्ट क्लासरूम और ग्रामीण युवाओं को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने की मांग की है।
कृषि क्षेत्र में किसानों ने जल संरक्षण, फसल बीमा, जैविक खेती को बढ़ावा, और मंडी प्रणाली में पारदर्शिता लाने की सिफारिशें दी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले सुझावों में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर, और गाँवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
व्यापक संवाद और नीति निर्माण
राज्य सरकार ने बताया है कि सुझावों का डाटा कलेक्शन और विश्लेषण कार्य तेज़ी से जारी है। एक विशेषज्ञ टीम इन सुझावों को श्रेणीवार विभाजित कर प्रदेश के विकास का “विजन डॉक्युमेंट 2047” तैयार कर रही है। यह डॉक्युमेंट आने वाले सालों में नीति निर्धारण और सरकारी योजनाओं की दिशा तय करेगा।
प्रदेश के सभी जिलों में “जनसंवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ अधिकारी, विशेषज्ञ और आमजन मिलकर विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा कर रहे हैं। कई जगहों पर युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए अलग-अलग विचार-विमर्श सत्र भी रखे गए हैं, जिससे हर वर्ग की राय सीधे सरकार तक पहुँचे।
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डिजिटल माध्यमों से जोड़ रही सरकार
इसके अलावा, “विकसित यूपी @2047” अभियान को पूरी तरह डिजिटल रूप से भी जोड़ा गया है। एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप के ज़रिए नागरिक अपने सुझाव, विचार और योजनाएँ साझा कर रहे हैं। इस पोर्टल के माध्यम से लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचा, स्वच्छता, ऊर्जा, और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर अपने सुझाव दे सकते हैं।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए न केवल शहरों से, बल्कि दूर-दराज़ के गाँवों और कस्बों से भी लोगों की राय सीधे प्रशासन तक पहुँच रही है।
मुख्यमंत्री की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ें और उत्तर प्रदेश को विश्व स्तरीय राज्य बनाने की दिशा में अपने योगदान दें। उन्होंने कहा कि “2047 का लक्ष्य तभी सफल होगा जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और राज्य के विकास में सहभागी बने।”
मुख्य तथ्य एक नज़र में
- अब तक 32 लाख से अधिक नागरिकों ने साझा किए अपने सुझाव
- शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास बने लोगों की प्रमुख प्राथमिकता
- हर जिले में जारी जनसंवाद कार्यक्रम
- डिजिटल पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से जनता की भागीदारी
- जनता के सुझावों के आधार पर तैयार होगा “विजन यूपी @2047” डॉक्युमेंट
- लक्ष्य — वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे विकसित राज्य बनाना

1 thought on “विकसित यूपी @2047” अभियान को जनता का जबरदस्त समर्थन — 32 लाख से अधिक नागरिकों ने दिए अपने सुझाव”